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अगस्त में खेली जाएगी केएससीए की नई टी20 प्रतियोगिता

बेंगलुरु ।  तीन साल पहले भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना करने और कोरोना महामारी झेलने के बाद कर्नाटका राज्य क्रिकेट एसोसिएशन (केएससीए) अगले महीने अपने टी20 टूर्नामेंट को फिर से शुरू करने जा रहा है। कर्नाटका प्रीमियर लीग (केपीएल) नाम से खेला जाने वाले यह टूर्नामेंट अब महाराजा ट्रॉफ़ी टी20 के नाम से जाना जाएगा। इसके अलावा केएससीए ने छह टीमों के इस टूर्नामेंट के आयोजन के लिए कई बदलाव किए हैं।

फ्ऱैंचाइज़ी प्रणाली को हटाकर एसोसिएशन प्लेयर ड्राफ़्ट, भुगतान से लेकर कोच और स्टाफ़ की नियुक्ति तक क्रिकेट के सभी पहलुओं को संभालेगा। हालांकि बोर्ड ने सभी छह टीमों के लिए प्रायोजकों के साथ करार किया है। प्रतियोगिता का नौवां संस्करण 7 से 26 अगस्त के बीच बेंगलुरु और मैसूर में खेला जाएगा।

मुख्य रूप से केएससीए ने देश के कर कानूनों को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव किया है। सचिव संतोष मेनन ने कहा, फ्ऱैंचाइज़ी प्रणाली के साथ आगे बढऩे से एसोसिएशन को कर के रूप में अपने राजस्व का बड़ा हिस्सा देना पड़ता क्योंकि इसे अर्जित आय के रूप में देखा जाता। इस नए फ़ॉर्मेट में, जहां सारा ख़र्च एसोसिएशन उठाएगा, कर के प्रतिशत में कटौती होगी। इसके अलावा, केएससीए ने बीसीसीआई द्वारा अनिवार्य सभी भ्रष्टाचार विरोधी प्रोटोकॉल का पालन करने की बात को दोहराया है।

केएससीए के सभी छह क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व किया गया है  बेंगलुरु, मैसूर, हुबली, शिमोगा, रायचूर और मंगलुरु
अध्यक्ष और पूर्व भारतीय ऑलराउंडर रोजर बिन्नी के नेतृत्व में एसोसिएशन की क्रिकेट समिति ने राज्य के छह क्षेत्रों से छह चयनकर्ताओं के समूह का गठन किया है जो ड्राफ़्ट प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे ताकि टीमें बराबर बनाई जाए। आनंद कट्टी, एआर महेश, एमवी प्रशांत, संतोष वैद्यराज और रघोत्तम नवली चयनकर्ता की भूमिका संभालेंगे।

35 वर्ष की आयु वर्ग में सभी खिलाड़ी इस लीग में हिस्सा लेने के पात्र होंगे। केएससीए की समिति कप्तानों और उप-कप्तानों को भी नामित करेगी। प्लेइंग इलेवन के चयन में या किसी अन्य क्रिकेट निर्णय में टीम के प्रायोजकों की कोई भागीदारी नहीं होगी।

एसोसिएशन ने सभी छह टीमों को अपने प्रमुख कोचों में से एक मुख्य कोच और एक सहायक कोच वितरित किया है। स्टुअर्ट बिन्नी, नज़ीरउद्दीन, मंसूर अली ख़ान, निखिल हल्दीपुर, दीपक चौगले और पीवी शशीकांत मुख्य कोच होंगे। सभी छह टीमों के लिए एक फि़जिय़ो, ट्रेनर और वीडियो विश्लेषक की नियुक्ति की जाएगी।

खिलाडिय़ों को ए, बी, सी और डी जैसे चार वर्गों में बांटा गया है। भारतीय टीम अथवा आईपीएल में खेलने वाले खिलाड़ी ए वर्ग में होंगे। रणजी ट्रॉफ़ी, विजय हज़ारे और सैयद मुश्ताक़ अली ट्रॉफ़ी में हिस्सा लेने वाले स्टेट खिलाड़ी बी वर्ग में होंगे। अंडर-19 और अंडर-23 जैसे आयु वर्ग टूर्नामेंट में भाग लेने वाले खिलाड़ी सी वर्ग में होंगे जबकि उभरते सितारों को डी वर्ग में रखा जाएगा।

इससे पहले खिलाड़ी ऑक्शन में खऱीदे जाते थे और 2019 में 7.3 लाख रुपये में पवन देशपांडे सबसे महंगे खिलाड़ी साबित हुए थे। हालांकि अब खिलाडिय़ों को वर्ग के आधार पर चुना जाएगा और वर्ग के लिए निर्धारित राशि मिलेगी। ए वर्ग के खिलाडिय़ों को पांच लाख रुपये मिलेंगे। वहीं बी, सी और डी वर्ग के खिलाडिय़ों को क्रमश: दो लाख, एक लाख और पचास हज़ार रुपये दिए जाएंगे।

भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर रहे खिलाडिय़ों को छोडक़र राज्य के सभी बड़े खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। इनमें मयंक अग्रवाल, देवदत्त पडि़क्कल, मनीष पांडे, करुण नायर, प्रसिद्ध कृष्णा, श्रेयस गोपाल और के गौतम शामिल हैं।
प्रत्येक टीम अन्य पांच टीमों के विरुद्ध एक मैच खेलेगी जिसके बाद अंक तालिका की निचली दो टीमें बाहर हो जाएगी। टॉप चार टीमें आईपीएल की तरह प्लेऑफ़ में प्रवेश करेगी।

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