उत्तराखंड

स्वर्गाश्रम में हाथी ने सो रहे बाबा को मौत के घाट उतारा

ऋषिकेश। स्वर्गाश्रम में खुले आसमान के नीचे सो रहे एक बाबा को हाथी ने पटककर मौत के घाट उतार दिया है। जबकि साथ में सो रहे एक अन्य बाबा को भी हाथी ने घायल कर दिया। घायल बाबा ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। घटना के बाद से पुलिस और गौहरी रेंज के कर्मचारियों में हड़कंप मचा है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए एम्स भेज दिया है। शिवरात्रि पर्व पर नीलकंठ पैदल मार्ग पर शिवभक्तों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। प्रशासन ने भी शाम चार बजे के बाद बाघखाला से शिवभक्तों को नीलकंठ पैदल मार्ग पर जाने से रोकना शुरू कर दिया है। लेकिन एक बार फिर हाथी शिवरात्रि पर्व के मौके पर हाथी की सक्रियता ने चिंता बढ़ा दी है।

लक्ष्मणझूला थाना पुलिस के मुताबिक सोमवार तड़के 2.30 बजे हाथी जंगल से आबादी क्षेत्र में घुस आया। यहां पर उसने पुलिस गेस्ट हाउस के पास भागीरथी धाम आश्रम के बगल में सो रहे बाबा को पटककर मौत की नींद सुला दिया। जबकि साथ सो रहे एक अन्य बाबा को भी घायल कर दिया। घायल ने किसी तरह से भागकर अपनी जान बचाई। सूचना मिलने पर पुलिस ने घायल बाबा को एक अस्पताल में भर्ती कराया। सूचना मिलने पर गौहरी रेंज के वनक्षेत्राधिकारी अनिल पैन्यूली भी घटनास्थल पर पहुंचे और मौके पर जानकारी जुटाई। थानाध्यक्ष वीरेंद्र रमोला ने बताया की मृतक की पहचान मदन दास (50) पुत्र अनिल दास निवासी वार्ड 4, अभिमन्यु घाट, थानेसर, कुरूक्षेत्र, हरियाणा के रूप में हुई है। मृतक बाबा यहां पर लंबे समय से रहता था। उधर, वनक्षेत्राधिकारी अनिल पैन्यूली ने बताया की शिवरात्रि पर्व को देखते कर्मचारियों की गश्त बढ़ा दी गई है। शिवभक्तों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

पैदल मार्ग से हटवाईं ठेलियां
हाथी के हमले में बाबा की मौत के बाद सोमवार सुबह एसडीएम यमकेश्वर प्रमोद कुमार, राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क के वार्डन एलपी टम्टा, नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक की अधिशासी अधिकारी मंजू चौहान ने नीलकंठ पैदल मार्ग का निरीक्षण किया। एसडीएम प्रमोद कुमार ने जंगल में मार्ग किनारे लगी फल की ठेलियां हटवाईं। कहा कि कोई भी ठेली नीलकंठ पैदल मार्ग पर नहीं लगेगी। साथ ही पुलिस, पार्क प्रशासन और नगर पंचायत के अधिकारियों की बैठक ली। इसमें उन्होंने तीन विभागों को आपस में समन्वय बनाने के निर्देश दिए हैं।

नीलकंठ पैदल मार्ग पहले से ही हाथी बाहुल्य क्षेत्र घोषित है। इसके बावजूद भी यहां पर लोगों का मूवमेंट रहता है। गौहरी रेंज की ओर से बकायदा लोगों से इस मार्ग पर ना आने की अपील की जाती है। खासकर अंधेरा होने के बाद तो इस मार्ग पर हाथी का खतरा बढ़ जाता है। कई बार शिवभक्तों का हाथी से आमना-सामना भी हो चुका है।
बैराज मार्ग, बाघखाला, डीएम कैंप कार्यालय, रत्तापानी, नीलकंठ पैदल मार्ग पर मौनी बाबा की गुफा के आसपास हाथी की मूवमेंट अधिक रहती है। ऐसे में इस मार्ग पर देर शाम अकेले घूमना कई बार लोगों को भारी पड़ चुका है। लिहाजा हादसे के बाद गौहरी रेंज के कर्मचारियों की गश्त बढ़ा दी गई है।
नीलकंठ पैदल मार्ग है हाथी बाहुल्य क्षेत्र

बीते साल हाथी के हमले मारे गये लोग
– कपिल कुमार पुत्र शेर सिंह निवासी बिजनौर  -22फरवरी 2021
– गंगा सहाय पुत्र रमभूला निवासी हसोली,जिला बुलंदशहर -6मार्च 2021
– मनीष कुमार डोबरियाल पुत्र कमलेश डोबरिया, निवासी सतपुली, पौड़ी -25जुलाई 2021

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