उत्तराखंड

अल्मोड़ा के पटाल बाजार और प्राचीन शैली में बने भवनों को दिया जाएगा पुराना स्वरूप

अल्मोड़ा। अल्मोड़ा शहर के मुख्य आकर्षण पटाल बाजार और पहाड़ी शैली में निर्मित भवनों को फिर से पुराने स्वरूप में स्थापित किया जाएगा। इसके लिए बुधवार को डीएम वंदना सिंह ने पुराने कलेक्ट्रेट में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, व्यापार संघ पदाधिकारियों और विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक के बाद डीएम ने संबधित विभाग के अधिकारियों को 15 अप्रैल तक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।

बैठक में विचार-विमर्श के बाद निर्णय लिया गया कि पटाल बाजार को पूर्व स्वरूप में स्थापित करने और पुरानी शैली में बने भवनों को पूर्व स्वरूप में लाने के लिए भवन स्वामियों की सहमति ली जाएगी। इसके बाद उनका जीर्णोद्धार करने के साथ ही पटाल बाजार में स्थानीय पटाल (पत्थर) लगाए जाएंगे। डीएम ने कहा कि अल्मोड़ा की पटाल बाजार देश-विदेश में यहां की संस्कृति की पहचान रही है। इसे पुराने स्वरूप में लाने के लिए यह कार्य सभी के सहयोग से आवश्यक है। डीएम ने कहा कि पटाल बाजार में दोनों तरफ के स्थानीय घरों के लिए पेयजल, सीवरेज, पानी निकासी, विद्युत व्यवस्था भी अलग से कराने के लिए संबंधित विभाग 15 अप्रैल तक प्रस्ताव तैयार कर लें। इस कार्य के लिए जिला पर्यटन विकास अधिकारी, नगरपालिका, पेयजल निर्माण निगम, विद्युत, जल संस्थान व सिंचाई विभाग के साथ समन्वय स्थापित करेंगे।

पटाल बाजार में अंडरग्राउंड होगी बिजली लाइन
डीएम ने ऊर्जा निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पटाल बाजार के अंतर्गत बिजली लाइन को भूमिगत करने का प्रस्ताव भी तैयार किया जाए, जिससे विद्युत लाइन के हटने से बाजार की सुंदरता और बढ़ जाएगी। नगरपालिका की स्ट्रीट लाइटों को भी पुराने डिजाइनों में लगाने का प्रस्ताव तैयार किया जाए। सभी विभागों की ओर से प्रस्ताव तैयार करने के बाद आगामी वित्तीय वर्ष से पहले इसे शासन को भेजा जाएगा। बैठक के बाद विभागीय अधिकारियों ने व्यापार मंडल प्रतिनिधियों और जनप्रतिनिधियों के साथ पटाल बाजार का निरीक्षण भी किया। बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष प्रकाश जोशी, व्यापार मंडल अध्यक्ष सुशील साह सहित क्षेत्र के सभासद, जनप्रतिनिधि व विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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